‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ किस प्रकार की विधा है? स्पष्ट कीजिए।
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ किस प्रकार की विधा है? स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न. ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ किस प्रकार की विधा है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- मानवीय करुणा की दिव्य चमक एक संस्मरण है। लेखक ने इस संस्मरण में अपने अतीत के पलों को उकेरा है। उन्होंने फ़ादर बुल्के तथा उनसे जुड़ी यादों का उल्लेख किया है। उनके प्रति अपने लगाव तथा प्रेम को उजागर किया है। उन्होंने बड़े ही भावपूर्ण स्वर में कहा है कि ‘फादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा है।’
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