‘मूर्ति बनाकर पटक देने’ से क्या आशय है?
‘मूर्ति बनाकर पटक देने’ से क्या आशय है?
प्रश्न. ‘मूर्ति बनाकर पटक देने’ से क्या आशय है?
उत्तर- नगरपालिका ने एक निश्चित समय में शहर के मुख्य बाज़ार के चौराहे पर नेताजी की मूर्ति लगानी थी। इसलिए उन्होंने ड्राइंग मास्टर मोतीलाल जी को यह कार्य सौंप दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे एक महीने में मूर्ति तैयार कर देंगे।
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