पाठिका थी वह धुंधले प्रकाश की कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की
पाठिका थी वह धुंधले प्रकाश की कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की
प्रश्न. पाठिका थी वह धुंधले प्रकाश की कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की
इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की जो छवि आपके सामने उभर कर आ रही है, उसे शब्दबद्ध कीजिए।
उत्तर- अपने माता-पिता के संस्कारों में बँधी भोली-भाली लड़की उसी रास्ते पर चलना चाहती है, जो उसे बचपन से लेकर युवावस्था तक दिखाया गया है। उसने माता-पिता की छत्रछाया में रहते हुए जीवन के दुखों का सामना नहीं किया। वह नहीं जानती कि आज का समाज कितना बदल गया है। उसे दूसरों के द्वारा दी गई पीड़ाओं का कोई अहसास नहीं है। वह तो अज्ञान और अपनी छोटी से धुंधले प्रकाश में जीवन की कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों को पढ़ने वाली पाठिका है।
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