‘माता पितहि उरिन भये नीके’ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
‘माता पितहि उरिन भये नीके’ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न. ‘माता पितहि उरिन भये नीके’ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- इस पंक्ति का आशय है कि परशुराम अपने माता-पिता के ऋण से मुक्त हो चुके हैं।
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