Ancient History Notes in Hindi

Ancient History Notes in Hindi

                           Ancient History Notes in Hindi

                              हर्षवर्धन 600 ई. से 647 ई. तक

* हर्षवर्धन सती होने के लिए तैयार अपनी बहन को बचाता है एवं फिर से कन्नौज लाता है.

* हर्षवर्धन ने कन्नौज के मंत्रियों के आग्रह पर कन्नौज नगर को अपना राजधानी बनाया.

* उसी समय से कन्नौज उत्तर-भारत का एक महत्वपूर्ण नगर हो गया.

* हर्षवर्धन ने कामरूप (असम) के शासक भास्कर वर्मा के साथ मिलकर गौड़ शासक शशांक का पीछा किया.परंतु शशांक घबराकर जंगल में भाग गया

* हर्षवर्धन ने कई युद्धों के द्वारा संपूर्ण उत्तर-भारत को एकता के सूत्र में बांधा.

* हर्षवर्धन के दक्षिण-भारत जीतने की इच्छा को चालूक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने ध्वस्त कर दिया.

* पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हुए युद्ध में हर्षवर्धन को पराजित किया.

* हर्षवर्धन बौद्ध धर्म मानता था.

* हर्षवर्धन बौद्ध धर्म के महायान शाखा का उपासक था.

* हर्षवर्धन 643 ई. में कन्नौज एवं प्रयाग में दो विशाल धार्मिक सभाओं का आयोजन किया था.

* हर्षवर्धन प्रयाग में प्रत्येक 5वे वर्ष एक धार्मिक सभा का आयोजन करता था, जिसे महामोक्ष परिषद कहा गया है.

* इस धार्मिक आयोजन का उल्लेख चीनी यात्री ह्वेनसांग ने किया था.

* हर्षवर्धन ने चीन में अपना राजदूत भेजा था एवं चीन का एक दूत मंडल इसके समय भारत आया था.

* हर्षवर्धन ने नालंदा विश्वविद्यालय के खर्च के लिए एक 100 गांव का दान किया था.

* हर्षवर्धन काफी विद्वान शासक था एवं विद्वानों का संरक्षक भी था.

* हर्षवर्धन ने प्रियदर्शिका, रत्नावली एवं नागानंद नामक 3 नाटक लिखे थे.

* हर्ष चरित्र एवं कादंबरी के रचनाकार बाणभट्ट हर्ष के ही दरबार में रहते थे.

* चीनी यात्री ह्वेनसांग हर्षवर्धन के शासनकाल में ही भारत आया था.

* इसने भारत का वर्णन सि-यू-की नामक पुस्तक में किया है.

* ह्वेनसांग को यात्रियों का राजकुमार, नीति का पंडित एवं वर्तमान शाक्यमुनि भी कहा जाता है.

* ह्वेनसांग भारत में बौद्ध धर्म का अध्ययन करने आया था.

* ह्वेनसांग ने नालंदा विश्वविद्यालय में कई वर्षों तक अध्ययन किया था.

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