Ancient History Notes in Hindi

Ancient History Notes in Hindi

                            Ancient History Notes in Hindi

                                              तृतीय संगम

* तृतीय संगम का आयोजन उत्तरी मधुरा में किया गया.

* तृतीय संगम की अध्यक्षता नकीरद ने की थी.

* तृतीय संगम में कुल 449 विद्वानों ने भाग लिया.

* तृतीय संगम को 49 पाण्ड्य राजाओं का संरक्षण मिला तथा 1850 वर्षों तक चला.

* तृतीय संगम की सभी रचनाएं उपलब्ध है तृतीय संगम के प्रमुख ग्रंथ हैं-

* ऐतु तोकै- यह 8 काव्य ग्रंथों का संकलन है,यह तमिल का पहला साहित्य ग्रंथ माना जाता है.

* इनके अतिरिक्त पुश्युपातु (दशगीत) आदि ग्रंथ प्रमुख है.

* तृतीय संगम में 5 महाकाव्य की भी रचना हुई जिनमें प्रमुख है-

 शिल्पदिकारम

 मणिमेखलई

 जीवक चिंतामणि

 बल्लभ पति 

 कुंडल काशी 

हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे ..

  • Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • Facebook पर फॉलो करे – Click Here
  • Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *