Bpsc gk notes in hindi

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* क्षेत्रीय प्रामीण बैंकों जिसे प्रामीण बैंकों के रूप से पुकारा जाता है, वर्गीकृत है-

(A) भूमि विकास बैंकों के रूप में
(B) वाणिज्यिक बैंकों के शाखाओं के रूप में
(C) अनिर्धारित बैंकों से
(D) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से
नोट्स-
 * देश में 6 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आर आर बी) की स्थापना विशेषकर सुदूर स्थित वैसे गाँवों में बैंकिंग सेवाएँ पहुंचाने के लिए की गई थी जहाँ पहले ऐसी सेवाओं की पहुंच नहीं थी.
* इन्हें मूलक समाज के कमजोर वर्गों को सांस्थानिक ऋण उपलब्ध कराने की दृष्टि से शुरू किया गया था।
* इन बैंकों के द्वारा घरेलू बचत आकृष्ट करने के उद्देश्य से विभिन्न जमा योजनाएँ भी अन्य वाणिज्यिक बैंकों की तरह संचालित की जाती है।
* अप्रैल 1997 से.. प्राथमिक क्षेत्र को ऋण देने का काम भी इन बैंकों को सौंप दिया गया है।
* इनकी हज दरों के निर्धारण को भी नियंत्रण मुक्त किया गया।
* कुछ शर्तों के साथ चुनींदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को रुपयों में अनिवासी खाते खोलने तथा रखने की अनुमति दी जाती है।
* इस प्रकार इनके कृत्य वही है जो वाणिज्यिक बैंकों के हैं।

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