आशय स्पष्ट कीजिए-“बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी : सब कुछ होम देने वालों पर हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।”

Read More

हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा

Read More

सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?

Read More

‘तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला, प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ’–का भाव स्पष्ट कीजिए।

Read More

किसे संगतकार की मनुष्यता समझा जाना चाहिए?

Read More

मुख्य गायक का साथ कभी-कभी कौन देता है और क्यों?

Read More

‘राख जैसा’ किसे कहा गया है और क्यों?

Read More