Modern History Notes in Hindi

Modern History Notes in Hindi

                 Modern History Notes in Hindi

                  क्रांतिकारी आतंकवाद का उदय

* भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों की शुरुआत1897 ई. में महाराष्ट्र से मानी जाती है.

* जब चापेकर बंधूओ ( दामोदर चापेकर तथा बालकृष्ण चापेकर) ने 22 जून 1897 ई. को पुणे के प्लेग कमिश्नर मिस्टर रैड की हत्या कर दी.

* चापेकर बंधु महाराष्ट्र के चितपावन ब्राह्मण थे.

* रैड की हत्या को भारत में अंग्रेजों की पहली राजनैतिक हत्या मानी जाती है.

* वी. डी. सावरकर द्वारा 1899 ई. में मित्र मेला नामक संस्था का गठन किया गया.

* 1904 ई. में जिसका नाम बदलकर अभिनव भारत कर दिया गया.

* इस संस्था का गठन मेंजनी के यंग इटली नामक संस्था के नमूने पर एक गुप्त आतंकवादी संस्था के रूप में किया गया था.

* इस संस्था द्वारा नासिक के जिला मजिस्ट्रेट जैक्शन की हत्या कर दी गई.

* जिसके तहत नासिक षड्यंत्र की मुकदमा चलाया गया जिसमें सावरकर बंधु को आजीवन कारावास की सजा मिली थी.

* अभिनव भारत के दो अन्य कांड 1909 ई. में अहमदाबाद बम कांड तथा 1910 ई. में सतारा षड्यंत्र कांड था.

* 1909 ई. में मदन लाल ढींगरा ने कर्नल विलियम कर्जन वायली की हत्या कर दी.

* पी. मित्रा द्वारा 1905 ई. में एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन अनुशीलन समिति की ढाका में स्थापित की गई.

* 1905 ई. में वरिंद्र कुमार घोष ने भवानी मंदिर नामक पुस्तक प्रकाशित की.

* तथा युगांतर नामक समाचार पत्र तथा युगांतर नामक एक क्रांतिकारी संगठन की स्थापना भी की.

* ब्रह्म बांधव उपाध्याय ने संध्या नामक समाचार पत्र के माध्यम से क्रांतिकारी विचारों को प्रोत्साहन दिया.

* ब्रह्म बांधव उपाध्याय ने ही पहली बार रविंद्र नाथ टैगोर को गुरुदेव कहकर पुकारा था.

* मुक्ति कौन पाथे नामक पुस्तिका में भारतीय सैनिकों से भारतीय क्रांतिकारियों को हथियार देने का आग्रह किया गया.

* बारीसाल में लाठीचार्ज के विरूध प्रतिक्रिया स्वरूप जुगांतर नामक पत्र में छपा-’ अंग्रेजी सरकार के दमन को रोकने के लिए भारत की 30 करोड़ जनता अपने 60 करोड़ हाथ उठाएं, ताकत की मुकाबला ताकत से किया जाए’.

* अलीपुर षड्यंत्र केस के तहत घोष बंधुओं (अरविंदो घोष एवं वरिंद्र कुमार घोष) तथा भूपेंद्र नाथ दत्त को बम बनाते हुए पकड़ा गया.

* अरविंद घोष एवं वरिंद्र कुमार घोष तथा भूपेंद्र नाथ पर मुकदमा चलाया गया.

* मुकदमे के दिनों में सरकारी गवाह बने नरेंद्र गोसाई की जेल में ही कन्हाई लाल दत्त ने हत्या कर दी.

* 30 अप्रैल 1908 ई. को मुजफ्फरपुर जिले के बदनाम जज किंग्स फोर्ड की हत्या का प्रयास किया गया.

* खुदीराम बोस एवं प्रफुल्ल चाकी को इन पर बम मारने का काम सौंपा गया.

* लेकिन गलती से बम कनेडी की गाड़ी पर गिर गई, जिससे 2 महिलाओं की मृत्यु हो गई.

* प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए चाकू मारकर हत्या कर ली.

* तथा खुदीराम बोस पकड़े गए और उन्हें फांसी की सजा दी गई.

* सबसे कम 16 वर्ष में खुदीराम बोस को फांसी की सजा दी गई थी.

* 22 दिसंबर 1912 ई. को दिल्ली के चांदनी चौक पर राज यात्रा के समय वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर रासबिहारी बोस द्वारा बम फेंका गया, जिसमें हार्डिंग बुरी तरह घायल हुए.

* रासबिहारी बोस भागकर चले गए परंतु उनके साथियों अवध बिहारी, अमीरचंद, लाला मुकुंद तथा बसंत कुमार पर दिल्ली षड्यंत्र केस के तहत मुकदमा चलाया गया.

* पंजाब में अजीत सिंह, अंबा प्रसाद तथा लाला लाजपत राय ने आतंकवादी गतिविधियों का नेतृत्व प्रदान किया.

* अजीत सिंह ने लाहौर में अंजूबाने मोहीवाने वतन नामक एक संस्था की स्थापना की तथा भारत माता नामक समाचार पत्र निकाला.

* भारत से बाहर विदेशी धरती पर स्थापित सबसे पुरानी संस्था इंडियन होम रूल सोसायटी थी.

* जिसकी स्थापना 1905 ई. में लंदन में श्यामजी कृष्ण वर्मा ने की थी.

* इंडियन होम रूल सोसायटी ने इंडियन सोशियोलॉजिस्ट नामक पत्रिका का प्रकाशन किया.

* तथा इंडिया हाउस नामक क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की.

* श्यामजी कृष्ण वर्मा के एक अन्य सहयोगी मैडम भीकाजी कामा थे.

* जिन्हें मदर ऑफ इंडियन रिवॉल्यूशन भी कहा जाता है.

* 1907 ई. में स्टुटगार्ड (जर्मनी) में होने वाले द्वितीय अंतरराष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस सम्मेलन में मैडम भीकाजी कामा ने भारतीय प्रतिनिधि के रुप में भाग लिया.

* इसी सम्मेलन में मैडम भीकाजी द्वारा डिजाइन किया हुआ तिरंगे का पहली बार फहराया गया.

* 1908 ई. में कनाडा में भारतीयों को घुसने में रोक लगा दिया गया.

* जी.डी. कुमार ने बैंकुअर में स्वदेश सेवक गृह की स्थापना की.

* और गुरुमुखी लिपि में स्वदेश सेवक नामक अखबार निकालना शुरू किया.

* तारक नाथ दास तथा जी.डी. कुमार ने अमेरिका के सिएटल नामक शहर में यूनाइटेड इंडिया हाउस नामक संस्था की स्थापना की.

* 1 नवंबर 1913 ई. को अमेरिका के सेंथ्रेसिस्को लाला हरदयाल के नेतृत्व में ग़दर पार्टी (कांग्रेस) की स्थापना की गई. 

* तथा 1 नवंबर 1913 ई. को ग़दर नाम से इस पार्टी का पहला समाचार पत्र के रूप में उर्दू में प्रकाशित हुआ.

* तथा 9 दिसंबर को गुरुमुखी लिपि में इसका प्रकाशन हुआ.

* गदर पार्टी की पहली बैठक काशीराम के घर में हुई थी.

* इस पार्टी के अन्य महत्वपूर्ण सदस्य थे- रामचंद्र, सोहन सिंह भाकना, भाई परमानंद, हरनाम सिंह तथा सोहन पाठक.

* राजा महेंद्र प्रताप ने जर्मनी के सहयोग से अफगानिस्तान के काबुल नगर में दिसंबर 1915 ई. में भारत की अंतरिम सरकार या अस्थाई सरकार की विदेश में स्थापित की गई तथा बरकतुल्लाह इसके प्रधानमंत्री बने थे.

* इसी दौरान राजा महेंद्र प्रताप अपनी सरकार की समर्थन हेतु लेनिंग से मिले थे.

हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे ..

  • Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • Facebook पर फॉलो करे – Click Here
  • Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • BPSC Notes ————– Click Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *