Q & A कवि ने किन प्रतीकात्मक शब्दों का प्रयोग किया है? June 4, 2023 bk959529 195 Views 0 Comments कवि ने किन प्रतीकात्मक शब्दों का प्रयोग किया है?, रीति गागर आदि में प्रतीकात्मकता विद्यमान है। Read More
Q & A किस शब्द-शक्ति का प्रयोग दिखाई देता है ? June 4, 2023 bk959529 171 Views 0 Comments किस शब्द-शक्ति का प्रयोग दिखाई देता है ?, लाक्षणिकता का प्रयोग किया गया है।शब्द-शक्ति का प्रयोग दिखाई देता है ?-लाक्षणिकता Read More
Q & A कवि ने किस काव्य-शैली का प्रयोग किया है? June 4, 2023 bk959529 198 Views 0 Comments कवि ने अपने हृदय की पीड़ा और असहायता को आत्मकथात्मक शैली में प्रकट किया है और कहा है कि उसकी दुख भरी कहानी सुनने-सुनाने के योग्य नहीं है।, कवि ने किस काव्य-शैली का प्रयोग किया है? Read More
Q & A कवि अपनी कथा क्यों नहीं सुनाना चाहता था? June 4, 2023 bk959529 224 Views 0 Comments कवि अपनी कथा क्यों नहीं सुनाना चाहता था?, दुख और निराशा के भाव ही थे; इसलिए Read More
Q & A कवि का जीवन कैसा था? June 4, 2023 bk959529 327 Views 0 Comments कवि का जीवन कैसा था?, कवि का जीवन दुख और निराशा से भरा हुआ था।का जीवन कैसा था?-कवि का जीवन दुख और कवि का जीवन दुख और निराशा से Read More
Q & A ‘तुम सुनकर सुख पाओगे’ में छिपे अर्थ को स्पष्ट कीजिए। June 4, 2023 bk959529 417 Views 0 Comments ‘तुम सुनकर सुख पाओगे’ में छिपे अर्थ को स्पष्ट कीजिए।, कवि व्यंग्यार्थ का प्रयोग करते हुए कहता है कि क्या उसके जीवन को जानने की इच्छा रखने वाले लोग Read More
Q & A व्यंग्य-उपहास कौन करते हैं ? June 4, 2023 bk959529 189 Views 0 Comments कवि के अपने ही मन की निराशा भरी बातें उस पर व्यंग्य-उपहास करती हैं।उपहास कौन करते, व्यंग्य-उपहास कौन करते हैं ? Read More
Q & A ‘रीति गागर’ क्या है? June 4, 2023 bk959529 264 Views 0 Comments ‘रीति गागर’ क्या है?, ‘रीति सागर’ में लाक्षणिकता और प्रतीकात्मकता है Read More
Q & A कवि किससे कहता है-‘कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती’? June 4, 2023 bk959529 131 Views 0 Comments ‘कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती’-कवि उन लोगों से कहता है, कवि किससे कहता है-‘कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती’? Read More
Q & A ‘अनंत-नीलिमा’ और ‘असंख्य जीवन इतिहास’ क्या है? June 4, 2023 bk959529 428 Views 0 Comments ‘अनंत-नीलिमा’ और ‘असंख्य जीवन इतिहास’ क्या है?, ‘अनंत-नीलिमा’ जीवन का अंतहीन विस्तार है। मनुष्य अपने मन में हर समय न जाने कौन-कौन से Read More