Q & A ‘प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै’–इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए। May 20, 2023 bk959529 159 Views 0 Comments ‘प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै’–इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।, काव्य-रूढ़ि है कि सुबह-सवेरे जब कलियाँ फूलों के रूप में खिलती हैं Read More