Q & A ‘माता पितहि उरिन भये नीके’ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। May 19, 2023 bk959529 534 Views 0 Comments ‘माता पितहि उरिन भये नीके’ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।, इस पंक्ति का आशय है कि परशुराम अपने माता-पिता के ऋण से मुक्त हो चुके हैं। Read More