Motivational word in Hindi
स्पष्ट बनो, पर उद्दण्ड नहीं। चतुर बनो, पर कुटिल नहीं।
यह घर हमारा नहीं प्रभु का प्रेम मन्दिर है, इस भावना से इसमें रहो।
तुम्हारा घर ठाकुर जी का मन्दिर बन जाये, इस तरह जीवन व्यतीत करो ।
जहाँ गरीब का सम्मान है और नीति का धन है, वह घर बैकुण्ठ के समान है
मनुष्य घर का मालिक नहीं, प्रभु का मुनीम है।
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