चार चीजें मनुष्य को बड़े भाग्य से मिलती हैं- भगवान् को याद रखने की लगन, सन्तों की संगति, चरित्र की निर्मलता और उदारता ।
चार गुण बहुत दुर्लभ हैं- धन में पवित्रता, दान में विनय, वीरता में दया और अधिकार में निराभिमानता ।
चार चीजों पर भरोसा मत करो-बिना जिता हुआ मन, शत्रु की प्रीति, स्वार्थी की खुशामद और बाजारू ज्योतिषियों की भविष्यवाणी ।
चार चीजें जाकर फिर नहीं लौटती- मुंह से निकली बात, कमान से निकला तीर, बीती हुई उम्र और मिटा हुआ अज्ञान ।
चार बातों को हमेशा याद रखें-दूसरों के द्वारा अपने ऊपर किया गया उपकार, अपने द्वारा दूसरे पर किया अपकार, मृत्यु और भगवान् ।