प्रश्न : जिन्दगी मौत की अमानत है, तो मौत किसकी अमानत है? उत्तर : क्षमा करें। जिन्दगी और मौत दोनों स्वाभाविक प्रक्रियाएं हैं, कोई किसी की अमानत नहीं ।
प्रश्न : वह क्या है, जिसके सामने इंसान की एक नहीं चलती ? उत्तर : उसका नाम है भाग्य ।
प्रश्न : जिन्दगी एक सफर है तो मौत क्या है? उत्तर : सफर का आखिरी पड़ाव (अन्तिम विश्रामगृह)
प्रश्न : यदि दुनिया में इन्सानियत न होती तो क्या होता? उत्तर : दुनिया का सन्तुलन बिगड़ जाता और चारों तरफ शैतान ही शैतान नजर आते ।
प्रश्न : वे कौन हैं, जिनका पैसा कभी नहीं लेना चाहिये? उत्तर : भिखारी, अपाहिज, बेसहारा, मक्खीचूस, नेत्रहीन और बेईमानी करने वाले का ।
प्रश्न : झूठ कब तक जिन्दा रहता है? उत्तर : जब तक सच्चाई झूठ के मुखौटे में छिपी रहती है।