स्वयं कमाना और दूसरों को खिलाना है- संस्कृति । मूल्यों के अन्वेषण की शाश्वत परम्परा का नाम है- भारतीय संस्कृति ।
हृदय सूना ज्ञान बिना फागुन सूना फाग बिना। सावन सूना मल्हार बिना। साजन सूना गोरी बिना।
गोरी सूनी भरतार बिना । मनुष्य सूना भजन बिना। गृहस्थी सूनी पुत्र बिना। नगर सूना पंचा बिना।
रातें सूनी चाँद बिना । भँवरा सूना कमल बिना । बाग सूना माली बिना। कुआँ सूना पनिहार बिना।
व्यवहार के लिए : नीति लेने के लिये : ज्ञान देने के लिए : दान जीतने के लिए : प्रेम