इन तीनों का सदा सम्मान करो-माता, पिता, गुरु । परहेज रखना- क्रोध की मिर्च, अहंकार का तेल
परहेज रखना- लोभ की मिठाई, स्वार्थ का घी, धोखे का पापड़, इन सबसे सावधान एवं दुराचरण की भावना से बचना ।
सबसे बड़ी बाधा- अधिक बोलना सबसे बुरी भावना- ईर्ष्या सबसे बड़ा दरिद्र- उत्साहहीन सबसे बड़ा भाग्यशाली- कार्यरत
गुण न हो तो रूप व्यर्थ है। भूख न हो तो भोजन व्यर्थ है। होश न हो तो जोश व्यर्थ है।