जो लोग आध्यात्मिक चिंतन से विमुख होकर केवल लोकोपकारी कार्य में लगे रहते हैं, वे अपनी ही सफलता पर अथवा सद्गुणों पर मोहित हो जाते हैं ।

आज का सुविचार 

जो लोग अपने आपको लोकसेवक के रूप में देखने लगते हैं। ऐसी अवस्था में वे आशा करते हैं कि सब लोग उनके कार्यों की प्रशंसा करें, उनका कहा मानें । आध्यात्मिक चिंतन से विमुख होकर केवल लोकोपकारी कार्य में लगे रहते हैं, वे अपनी ही सफलता पर अथवा सद्गुणों पर मोहित हो जाते हैं ।

आज का सुविचार 

बढ़ा हुआ अभिमान उन्हें अनेक का शत्रु बना देता है। इससे उनकी लोकसेवा उन्हें वास्तविक लोकसेवक न बनाकर, लोक विनाश का रूप धारण कर लेती है ।

आज का सुविचार 

न आध्यात्मिक चिंतन के बिना मनुष्य में विनीत भाव नहीं आता और न उसमें अपने आपको सुधारने की क्षमता रह जाती है ।

आज का सुविचार 

वह भूलों पर भूल करता चला जाता है और इस प्रकार अपने जीवन को विकल बना लेता है।

आज का सुविचार 

हम जिस भारतीय संस्कृति, भारतीय विचारधारा का प्रचार करना चाहते हैं, उससे आपके समस्त कष्टों का निवारण हो सकता है।

आज का सुविचार 

AdhiK Jankari Ke Liye Niche sikhlo Pe click Kare>>>