राजनीतिक शक्ति द्वारा आपके अधिकारों की रक्षा हो सकती है, पर जिस स्थान से हमारे सुख-दुःख की उत्पत्ति होती है उसका नियंत्रण राजनीतिक शक्ति नहीं कर सकती।
यह कार्य आध्यात्मिक उन्नति से ही संपन्न हो सकता है। मनुष्य को मनुष्य बनाने की वास्तविक शक्ति भारतीय संस्कृति में ही है।
यह संस्कृति हमें सिखाती है कि मनुष्य-मनुष्य से प्रेम करने को पैदा हुआ है, लड़ने-मरने को नहीं।
अगर हमारे सभी कार्यक्रम ठीक ढंग से चलते रहे तो भारतीय संस्कृति का सूर्योदय अवश्य होगा।
यदि हम शांति, सामर्थ्य और शक्ति चाहते है तो अपनी अंतरात्मा का सहारा पकड़ना होगा ।