दूसरे हमारे साथ क्या करते हैं, इसकी चिंता न करे। आत्मोन्नति में तत्पर रहे। यदि यह तथ्य समझ लिया तो एक बड़े रहस्य को पा लिया।
हमे अपने मन को सदा कार्य में लगाए रखना होगा। इसे बेकार न रहने दे। जीवन को गंभीरता के साथ बिताए ।
हमारे सामने आत्मोन्नति का महान कार्य है और पास में समय थोड़ा है। यदि अपने को असावधानो के साथं भटकने देगे तो हमे शोक करना होगा और इससे भी बुरी स्थिति को प्राप्त होगे ।
धैर्य और आशा रखे तो शीघ्र ही जीवन की समस्त स्थिति का सामना करने की योग्यता हममें आ जाएगी।
अपने बल पर खड़े होए । यदि आवश्यक हो तो समस्त संसार को चुनौती दे दें । परिणाम में हमारी हानि नहीं हो सकती ।
हम केवल सबसे महान से संतुष्ट रहे । दूसरे भौतिक धन की खोज करते हैं और हम अंतःकरण के धन को ढूंढे ।