जिस दिन हमे अपने हाथ-पैर और दिल पर भरोसा हो जावेगा, उसी दिन हमारी अंतरात्मा कहेगी कि बाधाओं को कुचलकर तू अकेला चल अकेला ।

आज का सुविचार 

जिन व्यक्तियों पर हमने आशा के विशाल महल बना रखे हैं, वे कल्पना के व्योम में विहार करने के समान हैं ।

आज का सुविचार 

अस्थिर सारहीन खोखले हैं। अपनी आशा को दूसरों में संश्लिष्ट कर देना स्वयं अपनी मौलिकता का हास कर अपने साहस को पंगु कर देना है।

आज का सुविचार 

जो व्यक्ति दूसरों की सहायता पर जीवन यात्रा करता है, वह शीघ्र अकेला रह जाता है।

आज का सुविचार 

दूसरों को अपने जीवन का संचालक बना देना ऐसा ही है जैसा अपनी नौका को ऐसे प्रवाह में डाल देना जिसके अंत का आपको कोई ज्ञान नहीं।

आज का सुविचार 

प्रेम ही एक ऐसी महान शक्ति है जो प्रत्येक दिशा में जीवन को आगे बढ़ाने में ,सहायक होती है।

आज का सुविचार 

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