कवि ने कविता में अपना रास्ता कैसा और किस प्रकार का माना है?

कवि ने कविता में अपना रास्ता कैसा और किस प्रकार का माना है?

प्रश्न. कवि ने कविता में अपना रास्ता कैसा और किस प्रकार का माना है?

उत्तर- कवि ने अपना रास्ता अत्यंत कठिन तथा पीड़ादायक माना है। उसका रास्ता हृदय को द्रवित करने वाला है। उसे अपना रास्ता इतना अधिक कठिन प्रतीत होता है कि उस पर उसके थके कदम आसानी से नहीं बढ़ते। उसे पग-पग पर समस्याओं से जूझना पड़ता है। न चाहते हुए भी कष्टों को सहन करना पड़ता है।

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