कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है, जैसे कठिन यथार्थ। कविता में आए ऐसे अन्य उदाहरण छाँटकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इससे शब्दों के अर्थ में क्या विशिष्टता पैदा हुई?

कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है, जैसे कठिन यथार्थ। कविता में आए ऐसे अन्य उदाहरण छाँटकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इससे शब्दों के अर्थ में क्या विशिष्टता पैदा हुई?

प्रश्न. कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है, जैसे कठिन यथार्थ। कविता में आए ऐसे अन्य उदाहरण छाँटकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इससे शब्दों के अर्थ में क्या विशिष्टता पैदा हुई?

उत्तर- कवि ने छायावादी काव्यधारा से प्रभावित होकर अपनी कविता में विशेषणों का विशेष प्रयोग किया है, जैसे
(i) सुरंग सुधियाँ – यादों की विविधता और मोहक सुंदरता की विशिष्टता।

(ii) छवियों की चित्र-गंध – सुंदर रूपों में मादक गंध की विशिष्टता।

(iii) तन-सुगंध – सुगंध के साकार रूप की विशिष्टता।

(iv) जीवित-क्षण – समय की सकारात्मकता की विशिष्टता।

(v) शरण-बिंब – जीवन में आधार बनने की विशिष्टता।

(vi) यथार्थ कठिन – जीवन की कठोर वास्तविकता की विशिष्टता।

(vii) दुविधा-हत साहस – साहस होते हुए भी दुविधाग्रस्त रहने की विशिष्टता।

(viii) शरद्-रात – रात में शरद् ऋतु की ठंडक की विशिष्टता।

(ix) रस-बसंत – बसंत ऋतु में मधुर रस के अहसास की विशिष्टता।

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