दुख क्यों दोगुना लगने लगता है?
दुख क्यों दोगुना लगने लगता है?
दुख क्यों दोगुना लगने लगता है?
उत्तर- जब जीवन में दुख की घड़ियाँ आने पर हम पिछले सुखों के बारे में सोचने लगते हैं, तब दुख दोगुना लगने लगता है।
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