प्रच्छन्न बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए।

प्रच्छन्न बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए।

उत्तर: प्रच्छन्न बेरोजगारी या छिपी हुई बेरोजगारी के अन्तर्गत लोग नियोजित प्रतीत होते हैं परन्तु वास्तव में बेरोजगार होते हैं। इस व्यवस्था में लोग आवश्यकता से अधिक संख्या में लगे होते हैं। यदि उन्हें इस व्यवस्था से हटाकर किसी अन्य व्यवस्था में स्थानान्तरित कर दिया जाए तो भी उत्पादन प्रभावित नहीं हो, तो यह स्थिति प्रच्छन्न बेरोजगारी की स्थिति कही जायेगी।
इस प्रकार प्रच्छन्न बेरोजगारी से आशय किसी विशेष आर्थिक क्रिया में उत्पादन हेतु आवश्यकता से अधिक मात्रा में श्रमिकों के लगे होने से है।

1. शहरी क्षेत्रों के उदाहरण: प्रच्छन्न बेरोजगारी शहरी क्षेत्रों में प्रायः छोटी फुटकर दुकानों एवं छोटे व्यवसायों में लगे परिवारों की स्थिति से भी मापी जाती है। एक शहरी क्षेत्र की एक दुकान में जिसमें केवल दो लोगों की आवश्यकता है, यदि मालिक व 3 नौकर कार्य करते हैं। इसमें 2 नौकर प्रच्छन्न रूप से बेरोजगार हैं क्योंकि इनकी दुकान में आवश्यकता ही नहीं है।

2. ग्रामीण क्षेत्रों के उदाहरण: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रच्छन्न बेरोजगारी प्रायः कृषि क्षेत्र में पायी जाती है। उदाहरण के लिए, किसी किसान के पास 3 हेक्टेयर का एक छोटा-सा खेत है जिसमें कार्य करने के लिए दो लोग पर्याप्त हैं परन्तु उस किसान के परिवार के सभी सात सदस्य इस खेत में लगे रहते हैं। यदि इस कार्य से 5 लोगों को हटा लिया जाए तो कृषि उत्पादन में कोई कमी नहीं आएगी। इस तरह 5 लोग प्रच्छन्न बेरोजगार की श्रेणी में आएंगे क्योंकि उनकी खेत में आवश्यकता ही नहीं है।

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