Q & A रूपांतर है सूरज की किरणों का सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का! June 15, 2023 bk959529 399 Views 0 Comments कवि कहता है कि फसल केवल मनुष्य के परिश्रम का परिणाम नहीं है। प्रकृति भी इसमें सम्मिलित है।, रूपांतर है सूरज की किरणों का सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का! Read More