Upsc gk notes in hindi-83

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                            Upsc gk notes in hindi-83

                                         परिच्छेद-32

प्राकृतिक वरण (नैचुरल सिलेक्शन) पृथ्वी पर भावी पर्यावरणों का पूर्वानुमान नहीं कर सकता इसलिए
वर्तमान जीव समुच्चय पर्यावरणीय महाविपत्तियों के लिए, जो जीवन की राह में खड़ी हैं, पूरी तरह कभी
भी तैयार नहीं हो सकते इसका परिणाम यह है कि वे प्रजातियाँ विलुप्त हो जाएंगी जो पर्यावरणीय प्रतिकूलता
से पार नहीं पा सकतीं उत्तरजीविता की इस विफलता का उत्तरदायी आधुनिक शब्दों में, उन जीनोम को कहा
जा सकता है, जो भू-वैज्ञानिक विक्षोभ या जैविक दुर्घटनाओं (संक्रमण, रोग आदि) को झेल पाने में असमर्थ हैं.
पृथ्वी पर जीवों के विकास (ईवोल्यूशन) में प्रजातियों का विलुप्त होना एक प्रमुख विशेषता रही है वर्तमान में
पृथ्वी पर एक करोड़ तक प्रजातियों हो सकती हैं, तथापि 90% से अधिक प्रजातियाँ, जो कभी पृथ्वी पर थी,
अब विलुप्त हो चुकी है. एक बार फिर सृष्टि-शून्यवादी सिद्धान्त इस बात का सन्तोषजनक समाधान देने में
असफल हो जाते हैं कि क्यों एक दिव्य सृष्टिकर्ता पहले तो लाखों प्रजातियों का सृजन करता है और फिर उन्हें
समाप्त हो जाने देता है विलुप्त जीवन के बारे में डार्विनवादी व्याख्या एक बार फिर सरल सुचारु और एकदम
युक्तियुक्त हो जाती है-जीवों का जीवन उन पर्यावरणीय या जैविक हमलों की क्रिया के रूप में विलुप्त हो जाता
है, जिनके सामने उनका वंशानुक्रम उनको पर्याप्त रूप से तैयार नहीं समझता तथाकथित डार्विनवादी विकास
सिद्धान्त वास्तव में सिद्धान्त है ही नहीं विकास होता है-यही सत्य है विकास की क्रियाविधि (डार्विन ने प्राकृतिक
वरण प्रस्तुत किया) का पर्याप्त समर्थन वैज्ञानिक आँकड़ों से हो जाता है. वास्तव में अभी तक डार्विन के दो केन्द्रीय
विचारों में से किसी का भी किसी जन्तुवैज्ञानिक वैज्ञानिक, जीवाश्मीय. वनस्पतिवैज्ञानिक भूआनुवंशिक या भौतिक
साक्ष्यों ने खंडन नहीं किया है. यदि धर्म का विचार न करें, तो डार्विन के नियम ठीक-ठीक कोपरनिकस, गैलिलियो,
न्यूटन और आइंस्टाइन द्वारा प्रस्तावित नियमों की तरह ही स्वीकार्य हैं कि ये प्राकृतिक नियमसमुच्यय हैं, जो भूमंडल
में प्राकृतिक घटनाओं की व्याख्या करते हैं.

* परिच्छेद के अनुसार, प्राकृतिक वरण पृथ्वी पर भावी पर्यावरणों का पूर्वानुमान नहीं कर सकता है, क्योंकि-

1. जो प्रजातियाँ अपनी राह में खड़े पर्यावरणीय परिवर्तनों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं, वे विलुप्त हो जाएंगी.
2. सभी वर्तमान प्रजातियाँ विलुप्त हो जाएंगी, क्योंकि उनके जीनोम जैविक दुर्घटनाओं को नहीं झेल पाएंगे.
3. पर्यावरणीय परिवर्तनों को झेल पाने में जीनोम की अक्षमता परिणाम स्वरूप विलोपन हो जाएगा.
4. प्रजातियों का विलोपन एक आम लक्षण है.
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
(A) 1, 2 और 3
(B) 2, 3 और 4
(C) 1, 3 और 4
(D) 1, 2 और 4

* यह परिच्छेद यह सुझाता है कि विकास का डार्विनवादी सिद्धान्त कोई सिद्धान्त है ही नहीं, क्योंकि-

(A) यह सृष्टि-शून्यवादी सिद्धान्त सन्तुष्ट नहीं करता
(B) विलोपन, पर्यावरणीय और जैविक हमलों की क्रिया है
(C) इसके खंडन के लिए कोई साक्ष्य नहीं है
(D) जीवों के अस्तित्व का श्रेय सृष्टिकर्ता को है

* इस परिच्छेद के संग्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएं बनाई गई हैं-

1. केवल वे प्रजातियाँ जीवित रहेंगी और कायम रहेंगी जिनमें पर्यावरणीय महाविपत्ति से पार पाने की क्षमता होगी.
2. पर्यावरण में उग्र परिवर्तनों के कारण पृथ्वी पर 90% से अधिक प्रजातियाँ विलुप्त हो जाने के खतरे में हैं.
3. डार्विन का सिद्धान्त सभी प्राकृतिक घटनाओं की व्याख्या करता है.
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौनसा/से वैध है/हैं ?
(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) केवल 3
(D) 1, 2 और 3

                                         परिच्छेद-33

स्थिर आर्थिक संवृद्धि, उच्चतर साक्षरता और बढ़ते हुए कौशल स्तर के साथ भारतीय मध्यवर्गीय परिवारों
की संख्या अत्यधिक तेजी से बढ़ी है. इस सम्पन्नता के सीधे परिणाम ये हुए हैं कि आहार प्रतिरूपों और
ऊर्जा उपभोग स्तरों में बदलाव आए हैं. लोग दुग्ध-उत्पाद मछली और मांस जैसे उच्चतर प्रोटीन-आधारित
आहार लेने लगे हैं, जिन सभी के उत्पादन में अनाजआधारित आहार के उत्पादन की अपेक्षा कहीं अधिक
मात्रा में जल की आवश्यकता होती है. इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत् मशीनों// औजारों और मोटर वाहनों के
बढ़ते हुए उपयोग के लिए अधिकाधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है और ऊर्जा के जनन के लिए जल
की आवश्यकता होती है.

* निम्नलिखित कथनों में से कॉनसा एक इस परिच्छेद के मर्म को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिम्बित करता है ?

(A) लोगों को मुख्यतः भारतीय पारम्परिक अनाज-आधारित आहारों को ही लेते रहने के लिए
     राजी किया जाना चाहिए
(B) आने वाले वर्षों में भारत को कृषि उत्पादकता और अधिक ऊर्जा-जनन क्षमता विकसित
      करने पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है
(C) आधुनिक प्रौद्योगिकीय विकास लोगों के सांस्कृतिक और सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाता है
(D) आने वाले वर्षों में भारत में जल प्रबंधन प्रणालियों में नाटकीय बदलाव लाने की आवश्यकता है

 * X सप्ताह, X दिन, X घण्टे, X मिनट और X सेकण्ड में कुल कितने सेकण्ड है ? 

(A) 11580x
(B) 11581x
(C) 694860x
(D) 694861x

* P Q R S T और U एक परिवार के छ: सदस्य हैं. Q का / की पति/पत्नी र है. T की माता है और U की पुत्री S है. P की पुत्री T है और R का पुत्र P है. इस परिवार में दो दम्पत्ति हैं निम्नलिखित में से कौनसा एक सही है ?

(A) T का दादा / नाना Q है
(B) T की दादी / नानी Q है
(C) P की माता R है
(D) Q की प्रपौत्री/दौहित्री T है

* किसी राज्य के तीन शहरों P. Q और R के बारे में नीचे दिए गए प्रश्न और दो कथनों पर विचार कीजिए-

प्रश्न- शहर P. शहर Q से कितनी दूर है ?
कथन- 1 : शहर Q. शहर R से 18 किमी दूर है ?
कथन- 2: शहर P, शहर R से 43 किमी दूर है.
उपर्युक्त प्रश्न और कथनों के बारे में निम्नलिखित में से कौनसा एक सही है ?
(A) अकेला कथन-1 ही प्रश्न का उत्तर देने के लिए पर्याप्त है
(B) अकेला कथन-2 ही प्रश्न का उत्तर देने के लिए पर्याप्त है
(C) कथन-1 और कथन-2, दोनों प्रश्न का उत्तर देने के लिए पर्याप्त हैं
(D) कथन-1 और कथन-2, दोनों प्रश्न का उत्तर देने के लिए पर्याप्त नहीं हैं

* दो कथन और उनके बाद चार निष्कर्ष नीचे दिए गए हैं. कथन यद्यपि सामान्य ज्ञात तथ्यों से असंगत प्रतीत हों, तो भी आपको उन्हें सत्य मानना है, सभी निष्कर्षो को पढ़िए और तब निश्चय कीजिए कि दिए गए निष्कर्षों में से कौनसा/से निष्कर्ष, सामान्य ज्ञात तथ्यों की उपेक्षा करते हुए इन कथनों से तर्कसंगत रूप से अनुगमित होता है/ होते हैं-

कथन-1: सभी कलमें, किताबें हैं,
कथन-2: कोई कुर्सी, कलम नहीं है.
निष्कर्ष 1: सभी कुर्सियाँ, किताबें हैं,
निष्कर्ष- II: कुछ कुर्सियाँ, कलमें हैं.
निष्कर्ष-III: सभी किताबें, कुर्सियाँ हैं.
निष्कर्ष-IV : कोई भी कुर्सी, किताब
निम्नलिखित में से कौनसा एक सही है ?
(A) केवल निष्कर्ष-I
(B) केवल निष्कर्ष-II
(C) निष्कर्ष-III और निष्कर्ष-IV दोनों
(D) इन निष्कर्षों में से कोई भी अनुगमित नहीं होता

* तीन कथन और उनके बाद तीन निष्कर्ष नीचे दिए गए हैं. कथन यद्यपि सामान्य ज्ञात तथ्यों से असंगत प्रतीत हो तो भी आपको उन्हें सत्य मानना है सभी निष्कर्षों को पढ़िए और तब निश्चय कीजिए कि दिए गए निष्कर्षों में से कौनसा/से निष्कर्ष सामान्य ज्ञात तथ्यों की उपेक्षा करते हुए इन कथनों से तर्कसंगत रूप से अनुगमित होता है/होते हैं

कथन-1: कुछ डॉक्टर, शिक्षक हैं.
कथन-2: सभी शिक्षक इंजीनियर हैं
कथन-3 : सभी इंजीनियर, वैज्ञानिक हैं.
निष्कर्ष-I: कुछ वैज्ञानिक डॉक्टर हैं.
निष्कर्ष-II : सभी इंजीनियर डॉक्टर हैं.
निष्कर्ष-III: कुछ इंजीनियर डॉक्टर है.
निम्नलिखित में से कौनसा एक सही है ?
(A) केवल निष्कर्ष I
(B) केवल निष्कर्ष-II
(C) निष्कर्ष-I और निष्कर्ष-III दोनों
(D) निष्कर्ष-I और निष्कर्ष-II दोनों

* आठ विद्यार्थी A,B,C,D,E,F,G और H किसी वृत्ताकार मेज के परितः मेज के केन्द्र की ओर मुख किए हुए समान दूरी पर बैठे एक-दूसरे से एक हैं, किन्तु आवश्यक नहीं है कि वे इसी क्रम में हो B और D न तो सन्निकट हैं, न ही के ठीक सामने के हैं ID के में और B और H के निम्नलिखित में निश्चित रूप से बीच में F बैठा है. कोनसा एक से सही है ?

 (A) A और G के बीच में B बैठा है
(B) G के ठीक सामने C बैठा है
(C) F के ठीक सामने E बैठा है
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

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